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तन और सेहत 

पुकार मन की  

हरे पत्तों के गिरने का कोई मौसम नहीं होता
Mind and Soul

हरे पत्तों के गिरने का कोई मौसम नहीं होता

मिले होते जो राहों में, तो कोई गम नहीं होता जुस्तजू हो गयी होती ये दिल पुरनम नहीं होता लुटे…
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तुम्हें मुझसे प्रेम नहीं है
Mind and Soul

तुम्हें मुझसे प्रेम नहीं है

कैसे मान लूँ मैं, जो तुम कहते हो कि प्रेम नहीं है। मेरा नाम आते ही तुम्हारे होंठों पर मुस्कान…
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आँसू
Mind and Soul

आँसू

नहीं मचाती शोर कभी ये, चुपके ही रह जाती। अश्रु भरी अँखियों की पीड़ा, व्यथा कथा कह जाती।। लिए गठरिया…
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धन संसार