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तन और सेहत 

पुकार मन की  

विचलित धरा, महसूस कर उसका कराहना
Mind and Soul

विचलित धरा, महसूस कर उसका कराहना

हरी-भरी वसुंधरा के गुनहगार हैं हम न जाने कितने घाव सहन किये इसने सदियों से हमारी विरासत की भागीदार है…
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लघु कथा- बेड
Mind and Soul

लघु कथा- बेड

"अरे रत्नेश, सुन-सुन रुक" सत्यम ने आवाज दी। रत्नेश ने थोड़ी दूर जा कर बाइक रोक कर पीछे देखा, उसका…
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तेरी मानवता कहाँ खो गई है
Mind and Soul

तेरी मानवता कहाँ खो गई है

अरे ओ मानव! बता जरा तेरी मानवता कहाँ खो गई है? क्या तेरी सारी की सारी संवेदनाएँ कुंभकरण की नींद…
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धन संसार