बहुत हो चुका कोरोना, अब ना और सताओ

Colours of Life

हमारे स्थायी स्तंभ ‘बच्चों का कोना’

में पेश है एक छोटी सी कविता

जो बताती है कि हमारे नन्हे-मुन्नों पर कोरोना का कितना असर हो रहा है।

यह कविता लिखी है अर्शान ने, जो दिल्ली में रहते हैं और अपनी नानी के यहाँ जाने के लिए परेशान हैं जो उत्तर प्रदेश में रहती हैं।

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