राधा-कृष्ण पर विरह गीत…
जब याद तुम्हारी आती है, धड़कन भी रुक सी जाती है। तुम दूर गए जबसे मोहन, यह रात जगा कर जाती है। हर साँस में बस तुम बसते हो, मन लिखता तुमको पाती है। वो शाम का मिलना भूल गए? वो रास रचाना भूल गए? वंशी की मीठी तानों से, मुझको तड़पाना भूल गए? अब […]
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