प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल किले की प्राचीर से संबोधित करते हुए कई अहम घोषणाएँ की हैं। उनमें से एक है- सैनिक स्कूलों में बेटियों का प्रवेश। उन्होंने कहा, आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूँ। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जायें। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ये देश के लिए गौरव की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड्स के नतीजे हों या ओलम्पिक का मेडल, हमारी बेटियाँ आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं। आज भारत की बेटियाँ अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं।
मैं भविष्यदृष्टा नहीं हूँ, मैं कर्म के फल पर विश्वास रखता हूँ। मेरा विश्वास देश के युवाओं पर है। मेरा विश्वास देश की बहनों-बेटियों, देश के किसानों, देश के प्रोफेशनल्स पर है। ये कैन डू जनरेशन है, ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है। (लेडीज न्यूज टीम, 15 अगस्त 2021)
(आवरण चित्र https://pib.gov.in/ से साभार)
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