दें अपनों को यह उपहार, तो बात बन जाये

Colours of Life

तमाम तरह की परेशानियों को झेलने के बाद अब हम सबकी जिन्दगी धीरे-धीरे पटरी पर आनी शुरू हो गयी है। ऐसे में लोग अपने घरों में पड़ने वाली शादियों या शादी की सालगिरह या बर्थडे मनाने के लिए कुछ खास करना चाहते हैं। लोग धीरे-धीरे बाहर निकलने लगे हैं, किसी को कहीं घूमना पसंद है, तो किसी को उपहार देना पसंद है। बात अगर उपहार की है, तो हम काफी सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर क्या उपहार दिया जाए, जो देखने में सुंदर हो, उपयोगी हो और सामने वाले को भी खुश कर दे। तो क्यों न, उपहार में लाफिंग बुद्धा की मूर्ति दी जाए।

अब बात लाफिंग बुद्धा की चल ही पड़ी है, तो यह भी जानना जरूरी है कि आखिर लाफिंग बुद्धा है कौन? कहाँ से आया ये? क्यों इसकी मूर्ति घर में लाने से खुशियाँ आती हैं? यह सब जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ना जरूरी है।

जिस तरह से भारत में वास्तु शास्त्र को इतनी मान्यता प्राप्त है, उसी तरह का महत्व चीन में फेंगशुई को दिया जाता है। भारत में धन के देवता है कुबेर, तो चीन में है लाफिंग बुद्धा। चीन में लाफिंग बुद्धा को देवता के रूप में माना जाता है। इससे जुड़ी एक कहानी के मुताबिक, चीन में एक भिक्षुक थे, जिनका नाम था पुताई। उनको घूमना-फिरना, मौज-मस्ती करना और हँसना-हँसाना बहुत पसंद था। वह भिक्षा माँगने जहाँ कहीं भी जाते, लोगों को अपना बड़ा सा पेट और बड़ा सा शरीर दिखा कर सबको हँसाते रहते थे। फिर धीरे-धीरे उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य ही बना दिया लोगों में खुशियाँ बाँटना और लोगों को हँसाना। इसके बाद लोगों ने उनकी मूर्तियां अपने घरों में स्थापित करना शुरू कर दिया।

इसके अलावा, इस बारे में एक और कहानी प्रसिद्ध है। महात्मा बुध के शिष्यों में एक जापान के शिष्य थे होतेई। कहा जाता है कि जब होतेई बौद्ध बने, उनको आत्मज्ञान हुआ, तब वह जोर-जोर से हँसने लगे और इस तरह से उनका नाम पड़ गया लाफिंग बुद्धा। उसके बाद से उन्होंने लोगों में खुशियाँ बाँटना और लोगों को हँसाना प्रारंभ कर दिया, जिसके कारण वह जहाँ भी जाते हैं, खुशियाँ आ जाती हैं, ऐसा मान कर लोगों ने अपने घरों में उनकी मूर्तियों को रखना प्रारंभ कर दिया।

ऐसी मान्यता है कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति घर में रखने से हर प्रकार की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है। कहा जाता है कि अगर आपने लाफिंग बुद्धा की मूर्ति स्वयं खरीद कर घर में रख ली है, उससे ज्यादा फलदायी यह तब होता है कि जब कोई व्यक्ति आपको उपहार में लाफिंग बुद्धा की मूर्ति दे। इसलिए अगली बार किसी को उपहार देना हो, तो लाफिंग बुद्धा की मूर्ति के बारे में एक बार जरूर सोचिएगा।

शुभ्रा तिवारी

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