भारत में जैवलिन थ्रो (Javelin Throw) की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अन्नू रानी भी टोकियो ओलम्पिक्स (Tokyo Olympics) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजीजू (Kiren Rijiju) ने ट्वीट कर कहा, मैं अन्नू रानी को टोकियो ओलम्पिक्स के लिए क्वालिफाई करने पर बधाई देता हूँ। अन्नू रानी को यह क्वालिफिकेशन अपनी विश्व रैंकिंग (World Rankings) के कारण हासिल हुई है।
इससे पहले ओलम्पिक्स क्वालिफिकेशन के अपने अंतिम प्रयास में वह क्वालिफिकेशन मार्क को पार करने में असफल रही थीं। उन्होंने पटियाला में इसी साल मार्च में हुए फेडरेशन कप में 63.24 मीटर भाला फेंका था, जबकि ओलम्पिक्स क्वालिफिकेशन मार्क 64 मीटर तय किया गया था। हालाँकि वह इस मार्क से 76 सेंटीमीटर दूर रह गयी थीं, लेकिन नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड जरूर बना डाला। यह आठवीं बार था जब अन्नू ने खुद का रिकॉर्ड तोड़ कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
अन्नू की यहाँ तक की राह भी आसान नहीं रही है। उनके भाई ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और इस खेल के प्रति प्रेरित किया। लेकिन इतने पैसे नहीं थे कि भाला खरीदा जा सके। लेकिन जहाँ चाह, वहाँ राह। बाँस को काट कर भाला बनाया गया और गाँव के चकरोड पर शुरू हो गया अभ्यास। धीरे-धीरे चीजें बदलीं, अभ्यास के लिए दबथुआ कॉलेज का मैदान मिला और भाले के लिए स्पांसर। साल 2014 में लखनऊ में हुए नेशनल इंटर स्टेट चैंपियनशिप में 58.83 मीटर भाला फेंक कर न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि 14 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ डाला। उसी साल के एशियाई खेलों (Asian Games) में अन्नू रानी को कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल हुआ। इसके बाद अन्नू ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा।
28 अगस्त 1992 को उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहादुरपुर गाँव में पैदा हुईं अन्नू रानी की लंबाई पाँच फीट पाँच इंच है और यहाँ यह बताना अहम होगा कि दुनिया भर में भाला फेंक में जितनी भी अच्छी खिलाड़ी हैं, सबकी लंबाई कम से कम छह फीट है, लेकिन अन्नू ने कम लंबाई के बावजूद अपनी मेहनत के दम पर सबको इस खेल में अपना लोहा मनवाया है। (लेडीज न्यूज टीम, 06 जुलाई 2021)
(आवरण चित्र अन्नू रानी के इंस्टाग्राम से साभार)
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad