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तन और सेहत 

पुकार मन की  

खामोशी से कहना है
Mind and Soul

खामोशी से कहना है

  हमें कर्मशील सदा  रहना है बस नदी सा बहते रहना है पथ में आये शूल या पत्थर हमें आगे…
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आदिम युग का शुभारंभ
Mind and Soul

आदिम युग का शुभारंभ

उतार फेंके हैं हमने वस्त्र लज्जा के नुकीले कर लिए हैं हमने अपने दाँत अपने नाख़ून भर ली है हिंसा…
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नारी, एक चमकीला तारा, टूट कर गिरता हुआ
Mind and Soul

नारी, एक चमकीला तारा, टूट कर गिरता हुआ

नारी नारी एक शक्ति है, श्रद्धा है, जननी है, धरती है। फिर शापित क्यों है? विचलित मन से निकली है…
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धन संसार