नवरात्रि के दौरान हम देश की ऐसी नौ बेटियों की बात करेंगे जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया।
आज कहानी फाइटर पायलट बिटिया की।
यह कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसने एयर फोर्स ज्वाइन ही किया फाइटर पायलट बनने के लिए। शिवांगी सिंह का परिवार उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रहता है। पिता का अपना कारोबार है और माँ शिक्षिका हैं। शिवांगी की सारी पढ़ाई-लिखाई वाराणसी में ही हुई।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना में जाने के लिए परीक्षा दी और सेलेक्शन हासिल किया। भारतीय वायु सेना में सेलेक्शन के बाद जुलाई 2016 में उन्हें प्रशिक्षण के लिए एयर फोर्स एकेडमी भेज दिया गया। डेढ़ साल के प्रशिक्षण के बाद फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह को भारतीय वायु सेना में दिसंबर 2017 में फाइटर पायलट के तौर पर तैनाती मिल गयी। पहले उन्हें मिग-21 की उड़ान का प्रशिक्षण मिला और फिर बारी आयी राफेल की।
और इस तरह उनका नाम इतिहास में दर्ज हो गया, फ्रांस से आये लड़ाकू विमान राफेल को उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पायलट के तौर पर।
(आवरण चित्र इंडियन एयर फोर्स के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर के ट्विटर खाते से साभार)
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