नॉर्वे के ओस्लो में चल रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम वर्ग में अंशू मलिक (Anshu Malik) ने रजत पदक जीता है। गुरुवार को खेले गये फाइनल मुकाबले में अंशू को अमेरिका की पहलवान हेलेन लूसी मारौली (Helen Lousie Marouli) से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इस हार के बावजूद अंशू ने इतिहास रच दिया।
साल 2012 में गीता फोगाट और बबीता फोगाट ने, साल 2018 में पूजा ढांडा ने और साल 2019 में विनेश फोगाट ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे। इस तरह विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली अंशू पाँचवीं भारतीय महिला पहलवान बन गयीं। आज तक कोई भी भारतीय महिला पहलवान विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक नहीं जीत सकी थी, लेकिन अंशू ने ऐसा कर दिखाया।
टोकियो में हुए ओलम्पिक खेलों में फ्रीस्टाइल 57 किलोग्राम वर्ग में खेलते हुए अंशू मलिक को बेलारूस की इरिना कुराचकिना से 1/8 फाइनल इवेंट में 8-2 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
लेकिन महज 20 साल की उम्र में अंशू ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह इस बात का संकेत देता है कि भारतीय महिला कुश्ती का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। (लेडीज न्यूज टीम, 08 अक्टूबर 2021)
(आवरण चित्र साई मीडिया के ट्विटर खाते से साभार)
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