नारी मन मत तोलिये, उसका नभ विस्तार
नारी से घर होत है, नारी से संसार। नारी बिन नर भी कहाँ, नारी है आधार।। नारी ही सम्हालती, संस्कृति संस्कार। इस सृष्टि पर हो सदा , नारी का अधिकार।। देवी दुर्गा लक्ष्मी, नारी हर अवतार। पत्नी, बेटी है बनी , माँ बन करती प्यार।। नारी मन मत तोलिये, उसका नभ विस्तार। बन शक्ति शिव […]
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