भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने 15 सितंबर को एक वर्चुअल समारोह में 51 पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कोविड-19 के खिलाफ जबरदस्त लड़ाई में नर्सों के नि:स्वार्थ योगदान के साथ-साथ राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम को गति देने में उनकी कड़ी मेहनत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हमारी नर्सों की अनुकरणीय निष्ठा के कारण प्रति दिन एक करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘आपकी कड़ी मेहनत उम्मीद की किरण है और वह लोगों को अँधेरे से प्रकाश की ओर ले जाती है।’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा, ‘जिस मानवीय भावना, निष्ठा और नि:स्वार्थ भाव से आप लोगों की सेवा कर रहे हैं, वह काबिले तारीफ है।’ डॉ. भारती प्रवीण पवार ने धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए उन सभी नर्सों और कोविड वॉरियर का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने लोगों की जान बचाने के लिए सबसे कठिन समय में अथक प्रयास किया है।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना सरकार द्वारा वर्ष 1973 में की गयी थी। इसका उद्देश्य नर्सों द्वारा समाज को दी गयी उम्दा सेवाओं को मान्यता देना है। इस बार के 51 लोगों की सूची में उत्तर प्रदेश से उर्वशी दीक्षित, मध्य प्रदेश से रश्मि पांडेकर, राजस्थान से सुनीता देवी व अनीता व्यास आदि के नाम शामिल हैं। (लेडीज न्यूज टीम, 16 सितंबर 2021)
(आवरण चित्र https://pib.gov.in/ से साभार)
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