देश के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश दिया, जिसके तहत इसने नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की परीक्षा में लड़कियों को भी बैठने की इजाजत दे दी। यह परीक्षा पाँच सितंबर को आयोजित होने वाली है। चूँकि यह अंतरिम आदेश है, ऐसे में एनडीए में लड़कियों को प्रवेश दिया जायेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतिम फैसले में क्या कहा जाता है।
न्यायाधीश संजय किशन कौल और न्यायाधीश हृषिकेश रॉय की बेंच ने कहा कि उच्चतम न्यायालय अपने एक फैसले में सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन का निर्देश दे चुका है, इसके बावजूद लड़कियों को एनडीए की परीक्षा में बैठने की अनुमति न देना बेतुका है।
15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लाल किले की प्राचीर से एक अहम घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब सैनिक स्कूलों में बेटियों को भी प्रवेश दिया जायेगा। उन्होंने कहा, आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूँ। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वो भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जायें। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जायेगा। (लेडीज न्यूज टीम, 19 अगस्त 2021)
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